- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- भोपाल में नए आपराधिक...
भोपाल में नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का उद्घाटन, अमित शाह बोले- सजा नहीं न्याय पर जोर

भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के BHEL दशहरा मैदान में नए आपराधिक कानूनों पर आधारित पांच दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों को अपराध की सूचना देने से लेकर जांच, साक्ष्य जुटाने, अभियोजन और अदालत में न्याय मिलने तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी देना है। प्रदर्शनी 3 से 7 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद शाह ने इसके विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया। यहां नए आपराधिक कानूनों के तहत पुलिस, फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी, अभियोजन और जेल प्रशासन की भूमिका को समझाया गया है। डिजिटल स्क्रीन, वीडियो, मॉडल और लाइव डेमो के माध्यम से लोगों को यह बताया जा रहा है कि नई व्यवस्था में अपराध की सूचना मिलने के बाद किस तरह कार्रवाई आगे बढ़ती है। प्रदर्शनी में 145 समयबद्ध प्रावधानों की जानकारी भी दी गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों का केंद्र केवल सजा देना नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था नागरिकों की गरिमा, संपत्ति और जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। शाह के मुताबिक नए कानूनों का पूर्ण क्रियान्वयन होने के बाद आपराधिक न्याय प्रणाली में मामलों के समयबद्ध निपटारे पर विशेष जोर रहेगा।
शाह ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था को लंबे समय से मामलों में देरी की समस्या का सामना करना पड़ा है। उनका कहना था कि नए कानूनों और उनसे जुड़ी तकनीकी व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने के बाद FIR दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामले की प्रक्रिया तीन साल के भीतर पूरी करने का लक्ष्य है। उन्होंने इसे देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी में तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका पर भी खास जोर दिया गया है। इसमें ई-FIR, अपराध स्थल पर फॉरेंसिक जांच, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की भूमिका, डॉग स्क्वॉड, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया और अदालत तक उनके इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा और डिजिटल पुलिसिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी प्रदर्शित किया गया है।
कार्यक्रम में नए आपराधिक कानूनों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और सहकारिता क्षेत्र पर भी विशेष फोकस रहा। शाह ने राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पशुपालकों को मध्य प्रदेश में आगे बढ़ रही “श्वेत क्रांति” का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
उन्होंने पशुपालकों से दुग्ध उत्पादन और संग्रह बढ़ाने की दिशा में मिलकर काम करने की अपील की। शाह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुपालकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार का जोर डेयरी सहकारी संस्थाओं के जरिए पशुपालकों को बाजार और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने पर है।
भोपाल में आयोजित गोपालक सम्मेलन में बड़ी संख्या में पशुपालक और डेयरी सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान डेयरी और सहकारिता क्षेत्र से संबंधित कई परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया। केंद्र सरकार के कार्यक्रम के अनुसार उज्जैन में तीन लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दूध प्रसंस्करण संयंत्र की आधारशिला रखी गई, जिसकी अनुमानित लागत 255 करोड़ रुपये है।
इसके अलावा भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की लागत से बने राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट को मजबूत करने के लिए 6.5 करोड़ रुपये के कार्यों का भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल था।
सम्मेलन के दौरान गौशालाओं को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। इसके साथ डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों के बीच 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित करने और महिला पशुपालकों को सम्मानित करने का कार्यक्रम रखा गया। शाह ने पशुपालकों से सहकारिता के माध्यम से दुग्ध क्षेत्र को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
शाह ने कहा कि पशुपालक केवल दूध उत्पादन से जुड़े नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। दुग्ध उत्पादन बढ़ने से किसानों और पशुपालकों की आमदनी में बढ़ोतरी के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
कार्यक्रम के दौरान राज्य में दूध संग्रह को बढ़ाने के लक्ष्य पर भी जोर दिया गया। पशुपालकों से संगठित तरीके से डेयरी सहकारी व्यवस्था से जुड़ने और दूध संग्रह बढ़ाने की दिशा में काम करने को कहा गया। सरकार डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के साथ ही आधुनिक संयंत्र और प्रयोगशाला जैसी सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
वहीं नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी में आम नागरिकों और विद्यार्थियों को विशेष रूप से न्याय प्रक्रिया समझाने की व्यवस्था की गई है। अपराध की रिपोर्टिंग से लेकर घटनास्थल की जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य, गिरफ्तारी, अभियोजन और अदालत में मामले की प्रक्रिया तक अलग-अलग चरणों को प्रदर्शित किया गया है।
नई आपराधिक न्याय व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को भी प्रदर्शनी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। पुलिस की कार्रवाई और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया को लाइव डेमो के जरिए समझाया जा रहा है, ताकि आम लोग नई व्यवस्था को सरल तरीके से समझ सकें।
भोपाल में अमित शाह का शनिवार का कार्यक्रम इस तरह दो प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहा। एक ओर नए आपराधिक कानूनों और न्याय प्रक्रिया में तकनीकी बदलावों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर पशुपालन, डेयरी और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की योजनाओं को आगे बढ़ाया गया।
शाह ने आपराधिक न्याय प्रणाली को लेकर कहा कि नए कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद FIR से सुप्रीम कोर्ट तक मामलों को तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं पशुपालकों से दुग्ध उत्पादन और संग्रह बढ़ाकर मध्य प्रदेश के डेयरी क्षेत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में योगदान देने की अपील की गई।





